
देश की सेना (Indian Army) को जल्द ही भारत में बनी नई तोप (New Cannon) मिलने जा रही है। डीआरडीओ और एल एंड टी (Larsen and Toubro) ने मिलकर नया टैंक बनाया है। इस टैंक का नाम ‘जोरावर’ रखा गया है। आज पहली बार इसे सबके सामने लाया गया है। इस नई तोप के जरिए सेना को पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों से मुकाबला करने में मदद मिलेगी। बता दें, सेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर इस टैंक को तैयार किया गया है।
क्या है इस टैंक की खासियत
हैवी वेट टैंक T-72 और T-10 की तुलना में यह टैंक काफी हल्का है। यह आसानी से पहाड़ों पर चढ़ सकता है। साथ तालाब या नदियों को आसानी के साथ पार कर सकता है। यह नया टैंक आसानी के साथ हवाई जहाज से भी एक जगह से दूसरे जगह पर भेजा जा सकता है। इसका कुल वजह 25 टन का है। जोकि टी-90 की तुलना में आधा है। बता दें, डीआरडीओ के चीफ के अनुसार इस टैंक को सभी ट्रायल के बाद 2027 में सेना को सौंपा जा सकता है। फिलहाल भारतीय सेना ने 59 जोरावर टैंक का ऑर्डर दिया है।
वहीं, Larsen and Toubro का एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट अरुण रामचंदानी कहते हैं कि इस ज्वाइंट मॉडल ने कम समय में एक बड़ी सफलता हासिल की है। बता दें, इस टैंक का नाम डोगरा जनरल जोरवार सिंह के नाम पर रखा गया है। 19वीं सदी में जोरावर सिंह ने लद्दाख और पश्चिमी तिब्बत में भारतीय सेना की अगुवाई की थी।
Larsen and Toubro के शेयरों का प्रदर्शन कैसा है?
शुक्रवार को कंपनी के शेयर बीएसई में 1.52 प्रतिशत की तेजी के साथ 3628.45 रुपये के लेवल पर बंद हुआ। पिछले एक साल में इस कंपनी के शेयरों की कीमतों में 46 प्रतिशत की तेजी देखने को मिल चुकी है। लेकिन 6 महीने में यह स्टॉक महज 3 प्रतिशत का ही रिटर्न दे पाया है।
