
राज कुमार बाला को पीड़िता से दुष्कर्म और छेड़छाड़ के आरोप में दोषी ठहराया गया और उसने बाल एवं युवा व्यक्ति अधिनियम के तहत भगोड़े व्यक्ति को शरण देने के तीसरे आरोप में अपना गुनाह भी कबूल कर लिया।
राज कुमार बाला को पीड़िता से दुष्कर्म और छेड़छाड़ के आरोप में दोषी ठहराया गया और उसने बाल एवं युवा व्यक्ति अधिनियम के तहत भगोड़े व्यक्ति को शरण देने के तीसरे आरोप में अपना गुनाह भी कबूल कर लिया।
तीसरे आरोप में भी गुनाह कबूल
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 42 वर्षीय राज कुमार बाला को पीड़िता से दुष्कर्म और छेड़छाड़ के आरोप में दोषी ठहराया गया और उसने बाल एवं युवा व्यक्ति अधिनियम के तहत भगोड़े व्यक्ति को शरण देने के तीसरे आरोप में अपना गुनाह भी कबूल कर लिया।
अब मांग रहे जमानत
बचाव पक्ष के वकील रमेश तिवारी ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ और भी लंबित मामले हैं, जिनकी सुनवाई पूरी नहीं हुई है। जबतक मामले में सुनवाई पूरी नहीं होती उन्हें जमानत दे दी जाए।
सिंगापुर के एक गर्ल्स होम से भागी थी लड़की
अदालत में बताया गया कि करीब चार वर्ष पहले फरवरी में पीड़िता 17 साल की थी, जब वह सिंगापुर के एक गर्ल्स होम से भाग गई थी। उसे एक अन्य भागी लड़की से होटल, मोटल और भोजनालयों के लिटिल इंडिया परिसर में डनलप स्ट्रीट में बाला के डॉन बार और बिस्ट्रो में नौकरी के अवसर के बारे में पता चला। बताया गया कि यह लड़की भी यहीं काम कर रही थी और इसका भी बाला ने यौन उत्पीड़न किया था। फिलहाल इस मामले में कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
पीड़िता नौकरी के लिए साक्षात्कार देने के लिए बार में गई और बाला से मिली, जिसने उसे काम समझाया। साथ ही बार में अन्य लड़की के साथ रहने की इजाजत दे दी। पीड़िता ने कुछ दिनों तक बार में काम किया। मगर फिर पुलिस को फरार लोगों के बारे में गुप्त जानकारी मिली। उन्होंने 22 फरवरी, 2020 के शुरुआती घंटों में जगह पर छापा मारा।
पीड़ित छापा कार्रवाई से बचने के लिए अन्य लड़की के साथ भाग गई। बाद में बाला ने दोनों को कार में बैठाया और उन्हें अपने कोंडोमिनियम में ले गया। वहां उसने दोनों लड़कियों को खूब शराब पिलाई। बाद में नशे की हालत में पीड़िता का दुष्कर्म किया। जबकि दूसरी लड़की के साथ भी गलत काम किया।
पीड़िता ने कोंडोमिनियम छोड़ दिया। जुलाई 2020 में खुद को गर्ल्स होम में आत्मसमर्पण कर दिया। अगस्त 2020 में उसने अपने मामले संभालने वाले कर्मचारी को बताया कि उसके साथ बाला ने दुष्कर्म किया था।
कई आरोपों का कर रहा सामना
न्यायमूर्ति माविस चियोन्ह ने कहा कि बाला जानता था कि पीड़िता युवा थी और पुलिस से भाग रही थी। वह आय और आश्रय के लिए उस पर निर्भर थी। बता दें, बार मालिक को पांच अन्य पीड़ितों से संबंधित 22 और आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें मुख्य रूप से यौन अपराधों के लिए आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप अदालत में लंबित हैं। उस पर 16 साल से कम उम्र की नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। साथ ही एक अन्य पीड़िता के साथ छेड़छाड़ करने का भी केस दर्ज है।
