एक हफ्ते के अंदर शंभू बॉर्डर खोलने का आदेश दिया पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने

1 min read
Worldwide Unique Visitors : 30
0 0

Read Time:3 Minute, 7 Second

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) ने एक हफ्ते के अंदर शंभू बॉर्डर खोलने (Opening of Shambhu Border within a week) का आदेश दिया (Ordered) । कोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश देते हुए कहा कि एक हफ्ते के अंदर बैरिकेडिंग हटा कर शंभू बॉर्डर को खोला जाए।

दरअसल, शंभू बॉर्डर पर किसानों का लंबे समय से प्रदर्शन चल रहा है। इसके कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इसी के चलते शंभू बॉर्डर के व्यापारियों ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बॉर्डर को खोलने की मांग की थी। इस याचिका में हरियाणा और केंद्र सरकार को पक्षकार बनाया गया था पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बुधवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार को एक हफ्ते के भीतर शंभू बॉर्डर खोलने का आदेश दिया। हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को कहा कि सरकार एक हफ्ते में रोड क्लियर करे। वहां से बैरिकेडिंग हटाए।

हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि शंभू बॉर्डर पर स्थिति शांतिपूर्ण है। किसानों की मांग केंद्र सरकार से है। इसलिए उन्हें दिल्ली की तरफ जाने की छूट दे देनी चाहिए। बता दें कि शंभू बॉर्डर पिछले 5 महीने से बंद है। लोकसभा चुनाव से पहले किसान दिल्ली कूच करना चाहते थे। पंजाब के इन किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने यहां 7 लेयर की बैरिकेडिंग की थी।

वकील वासुदेव शांडिल्य ने बताया कि याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने जनहित में फैसला सुनाया और हरियाणा सरकार को एक हफ्ते के भीतर शंभू बॉर्डर को खोलने का आदेश दिया। हाई कोर्ट के आदेश से व्यापारियों को लाभ मिलेगा और उनका व्यापार फिर से शुरू हो सकेगा।

शंभू बॉर्डर बंद होने से पंजाब और हरियाणा के बीच सीधी कनेक्टिविटी टूट गई थी। शंभू बॉर्डर खुलवाने की मांग को लेकर अंबाला के व्यापारियों ने भी दुकानें बंद कर रोष जताया था। व्यापारियों की मांग थी कि शंभू बॉर्डर को खोला जाए, ताकि वह पंजाब और दिल्ली बिना किसी परेशानी के आ-जा सकें।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

एक हफ्ते के अंदर शंभू बॉर्डर खोलने का आदेश दिया पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने

You May Also Like

More From Author

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *