भारत-रूस के बीच बैठक टलने पर विदेश सचिव ने दिया स्पष्टीकरण, टकराव की बात को नकारा

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भारत (India) ने यूक्रेन के मुद्दे (Ukraine issue) पर रूस (Russia) के साथ मतभेदों के दावों को “तथ्यात्मक रूप से गलत” बताते हुए खारिज कर दिया। दावा किया जा रहा था मतभेदों की वजह से रूस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) और राष्ट्रपति पुतिन (President Putin) के बीच होने वाली प्रतिनिधिमंडल स्तर की एक बड़ी बैठक रद्द की गई थी।

विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने मीडिया से बातचीत में मॉस्को में कुछ टकराव के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा, “जहां तक मेरी जानकारी में है, प्रधानमंत्री की मास्को यात्रा के दौरान किसी विशेष कार्यक्रम को रद्द नहीं किया गया है।

रिपोर्ट्स में कोई सच्चाई नहीं: विदेश सचिव
विनय क्वात्रा ने कहा कि (टकराव की वजह से प्रोग्राम रद्द होने का दावा) “मुझे वास्तव में आश्चर्यजनक लगता है, लेकिन इस तथ्यात्मक रूप से गलत, काफी भ्रामक (रिपोर्ट) में कोई सच्चाई नहीं हैं. उन्होंने साथ ही कहा, “वास्तव में, प्रधानमंत्री की मास्को यात्रा बेहद सफल रही.” उन्होंने कहा कि सच्चाई ये है कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच चर्चा दोनों पक्षों द्वारा आवंटित समय से ज्यादा देर तक चली।

मतभेद के दावों पर रूस ने क्या कहा?
इससे पहले राष्ट्रपति पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव के हवाले से रूसी न्यूज एजेंसी ने बताया था कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने मॉस्को में मंगलवार को हुई अपनी बैठक में सभी विषयों को पर अपने विचार व्यक्त किए, जिसमें किसी बड़े ब्रेकआउट सेशन की जरूरत नहीं पड़ी और सभी मुद्दे कवर किए गए।

यह पूछे जाने पर कि पीएम मोदी और पुतिन के बीच बड़े प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक क्यों नहीं हुई, रूसी अधिकारी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि इसके पीछे कोई समस्या है, बल्कि दोनों नेताओं के बीच तीन घंटे से ज्यादा बातचीत चली, जिसमें दोनों पक्षों के (द्विपक्षीय सहयोग के) प्रभारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया था।

प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं कि यूक्रेन युद्ध का हल युद्ध के मैदान में नहीं निकाला जा सकता. भारत ने इस बात को पीएम के रूस पहुंचने के बाद दोहराया भी था।

यूक्रेन पर पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति से भी कर चुके अपील
विनय क्वात्रा ने एक सवाल के जवाब में कहा, “कुछ देशों ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि आप युद्ध के मैदान में इस संघर्ष का समाधान नहीं खोज सकते. वह (पीएम मोदी) उन बहुत कम नेताओं में से एक हैं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से और खुले तौर पर यह बात कही है. ऐसा उन्होंने न सिर्फ किसी तीसरे देश में कहा है, बल्कि रूसी राष्ट्रपति से भी कही है।

एक अन्य सवाल के जवाब में क्वात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है, “यह युद्ध का समय नहीं है, यूक्रेन संघर्ष का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं खोजा जा सकता है और निर्दोष लोगों की जान जाना अस्वीकार्य है.”

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