
चीन (China) से दो खच्चरों (two mules) पर 108 किलो सोना (108 kg gold ) लादकर भारत (India) लाए तस्करों तेंजिन तारगी (40) और त्सेरिंग चांबा (69) के मामले की जांच दिल्ली (Delhi) तक पहुंच गई है। कस्टम, डीआरआई (custom, dri) और अन्य सिक्योरिटी एजेंसियों की जांच में इसके लिंक दिल्ली के कूचा महाजनी, करोल बाग और खासतौर पर मजनू का टीला से मिले हैं। जांच एजेंसियों को चीन से आए सोने की डिलिवरी लेने वाले व्यक्ति की भी जानकारी मिल चुकी है।
चीन से लद्दाख के रास्ते भारत सोना लाने की कोशिश
एजेंसियों का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि चीन से लद्दाख के रास्ते भारत में सोना लाने की यह पहली कोशिश नहीं है। 9 जुलाई को पकड़े गए दोनों तस्करों और हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से पकड़े गए दो अन्य आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ की गई। आरोपियों ने बताया कि सोने की इस खेप को लेह से सड़क के रास्ते दिल्ली डिलीवर करना था।
आईबी ने तेज की जांच
चीन बॉर्डर से सोने की इतनी बड़ी खेप का पहला मामला सामने आने के बाद गृह मंत्रालय भी किसी और गतिविधि की आशंका से चिंतित है। IB भी मामले की गंभीरता को समझते हुए इसकी तह तक जाने में लगी हुई है। तस्करी से जुड़ी इस घटना में कुछ और लोगों के उठाए जाने की खबर है। सबसे पहले एनबीटी ने 13 जुलाई को खबर छापकर सोने की इस तस्करी के दिल्ली से लिंक होने की आशंका जताई थी।
