
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंदसौर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय (Mandsaur District Collectorate Office) में जनसुनवाई (Public Hearing) के दौरान सरकारी सिस्टम को मुंह चिढ़ाने वाला एक वीडियो सामने आया है। यहां भूमाफिया से परेशान एक बुजुर्ग किसान (Elderly farmer) जमीन पर लोटता हुआ अपनी गुहार लगाने पहुंचा।
भूमाफिया से परेशान एक बुजुर्ग किसान ने कहा कि वह परेशान हो चुका है। भूमाफिया ने उसकी जमीन अपने नाम कर ली है। बुजुर्ग किसान का कलेक्ट्रेट में लोट कर पहुंचने का यह विडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। किसान ने कहा कि वह पिछले 14 सालों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कोई उसकी सुनवाई नहीं कर रहा है।
मंदसौर जिले के सीतामऊ क्षेत्र के साख्तली गांव से आए किसान शंकरलाल पाटीदार ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में यह लोट लगाई। किसान की यह गांधीगिरी देखकर सभी अधिकारी बाहर आ गए। एसडीएम व डिप्टी कलेक्टर आवेदक की ओर दौड़े और जनसुनवाई कक्ष में ले गए। किसान शंकरलाल का कहना है कि 14 साल से अधिकारियों व दफ्तरों के चक्कर काट रहा हूं। 25 से ज्यादा बार जनसुनवाई में आ चुका हूं। सीएमओ व पीएमओ तक अपनी शिकायत पहुंचा चुका हूं, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। भूमाफिया कई बार उसके जमीन पर कब्जा लेने आए पर किसान ने कब्जा नहीं छोड़ा है।
किसान ने बताया कि वह अपनी समस्या को लेकर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुका है। किसान 14 साल से अपनी जमीन को अपने नाम करवाने की लड़ाई लड़ रहा है। सालों से अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर लगा रहा है। कई बार जनसुनवाई में आ चुका है, लेकिन अभी भी उसे न्याय का इंतजार है।
छल कपट से भूमि अपने नाम करने के आरोप
किसान शंकर लाल ने अपने आवेदन में बताया कि गांव सुरखेड़ा में उसकी कृषि भूमि सर्वे क्रमांक 604 व 625 है। इसे धोखे से कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ बाबू देशमुख ने अपने बेटे अश्विनी देशमुख के नाम कर ली है। सरकारी दफ्तर के बाबू के साथ मंदसौर के बड़े भूमाफिया भी जुड़े हैं। किसान ने आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2010 में उसके कब्जे वाली 18 बीघा जमीन में से 9 बीघा जमीन फर्जी तरीके से भूमाफिया ने अपने नाम कर ली। हालांकि, जमीन का कब्जा अब तक किसान शंकरलाल के पास ही है। किसान का कहना है कि छल कपट कर जिन्होंने मेरी भूमि अपने नाम करवाई है वे अब यहां गुंडे बदमाशों के जरिए कब्जा करना चाहते हैं। बुजुर्ग ने अपनी हत्या की आशंका भी जताई है।
आवेदक शंकर लाल पिता फूलचंद द्वारा जनसुनवाई के दौरान दिए गए आवेदन के आधार पर आधी भूमि पर स्वयं आवेदक काबिज है। वस्तुस्थिति के आधार पर किसी भी व्यक्ति या भूमाफिया ने आवेदक की जमीन पर कोई कब्जा नहीं किया है। ग्राम सुरखेड़ा स्थित भूमि सर्वे नंबर 604 एवं 625 कुल रकबा 3.52 हेक्टेयर संयुक्त खातेदार शंकर लाल अनोखी लाल भगवान बाई रेशम बाई पिता फूलचंद आधा एवं संपत भाई बेवा घासीराम कारूलाल रामलाल प्रभुलाल मांगी बाई पार्वती बाई पिता घासी का आधा हिस्सा दर्ज है। जिसमें से सह खातेदार संपत भाई इत्यादि द्वारा 2010 में अपने हिस्से की भूमि अश्विन पिता नारायण देशमुख को बेची गई। हालांकि, उक्त भूमि पर अश्विन द्वारा कब्जा नहीं लिया गया है।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सीतामऊ द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन एवं वस्तुस्थिति के आधार पर किसी भी व्यक्ति या भूमाफिया द्वारा आवेदक शंकरलाल पिता फूलचंद की जमीन पर कब्जा नहीं किया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा उक्त भूमि पर अवैध कब्जे के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा, तो उस पर प्रशासन द्वारा विधि सम्मत कारर्वाई की जाएगी।