आम बजट के पिटारे से रेल यात्रियों को कई सौगातें, 200 से अधिक ट्रेनें चलाने की तैयारी

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मोदी सरकार (modi government)3.0 के पहले आम बजट(general budget) के पिटारे से आम रेल यात्रियों(ordinary rail travellers) को कई सौगातें (Many gifts)मिल सकती हैं। दरअसल, भारतीय रेल आधुनिक और तेज गति वाली 200 से अधिक नई नॉन एसी ट्रेनें चलाने जा रही है। पहली बार उक्त ट्रेनों के जरिए देश के 75 छोटे शहरों (तीन लाख आबादी वाले) को रेल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। बजट में वंदे भारत, राजधानी-शताब्दी ट्रेनों के समय पालन में सुधार के लिए अति महत्वाकांक्षी तीन नए कॉरिडोर का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। वहीं, बढ़ते रेल हादसों पर अंकुश लगाने के लिए नए रेलमार्गों पर टक्कर रोधी तकनीक वर्जन कवच-4.0 की घोषणा की जा सकती है

रेलवे के कायाकल्प के लिए मोदी सरकार इस बार आम बजट में रेलवे को 2.85 से तीन लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटन कर सकती है, जो पिछले वर्ष की अपेक्षा 10-15 फीसदी अधिक होगा।

सोशल मीडिया में विपक्षी राजनीतिक दलों द्वारा आम रेल यात्रियों की उपेक्षा के आरोपों के चलते इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को संसद में बजट पेश करते हुए आम जनता के लिए कई अहम घोषणाएं कर सकती हैं। इसमें 200 से अधिक पुल-पुश तकनीक युक्त अमृत भारत ट्रेन चलाने का प्रावधान किया जा सकता है। अत्याधुनिक तकनीक व तेज गति वाली ये ट्रेनें पूरी तरह से नॉन एसी होंगी। इनमें स्लीपर-जनरल कोच होंगे। कुछ रेलमार्गों पर डिमांड के अनुसार इन ट्रेनों में एसी कोच लगाए जा सकते हैं।

अमृत भारत ट्रेनें उत्तर प्रदेश, बिहार, महराष्ट्र, झारखंड, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के छोटे शहरों से रोजगार की तलाश में देश के महानगरों में जाने वाले लोगों को ध्यान में रखकर चलार्ई जाएंगी। इनका किराया सामान्य मेल-एक्सप्रेस की तरह ही होगा।

12,500 नए कोच के उत्पादन की मंजूरी

रेलवे बोर्ड ने अमृत भारत व नियमित मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर-जनरल कोच बढ़ाने के लिए 12,500 कोच उत्पादन की मंजूरी दी है। सीतारमण एक फरवरी को अंतरिम बजट में देश में तीन नए कॉरिडोर बनाने की घोषणा कर चुकी हैं। इसके लिए मोटा बजट आवंटन किया सकता है। 40,900 किलोमीटर लंबे तीनों कॉरिडोर बनाने पर 12 लाख करोड़ खर्च आएगा। दो फे्रट कॉरिडोर व एक यात्री कॉरिडोर बनने से सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेनों सहित राजधानी-शताब्दी व मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें समय पर गतव्य तक पहुंच सकेंगी। वहीं, रेलवे की आमदनी में भी इजाफा होगा।

रेल संरक्षा पर रहेगा फोकस

सूत्रों की मानें तो आम बजट में इस बार रेल संरक्षा पर भी फोकस रहेगा। इसमें दुर्घटनाओं को कम करने के लिए नए रेलमार्गों पर नए वर्जन कवच-4.0 को लगाने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इसके तहत 35,736 किलोमीटर रेलमार्गों पर कवच लगाया जाएगा। कचव तकनीक ट्रेनों की आमने-सामने व पीछे से टक्कर रोकने में सक्षम है। ड्राइवर के चूक करने पर कवच ट्रेनों में ऑटोमैटिक ब्रेक लग जाता है। नए रेलमार्गो में दिल्ली-कोलकाता, दिल्ली-चेन्नई, दिल्ली-मुंबई, चेन्नई-कोलकाता एवं स्वर्मिण विकर्ण (गोल्डन डायगनल) के दिल्ली-चेन्नई, मुंबई-कोलकाता को शामिल किया जा सकता है।

हाई और सेमी हाई स्पीड ट्रेनों को प्राथमिकता

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आम बजट में हाई स्पीड और सेमी हाई स्पीड ट्रेनों को भी प्राथमिकता मिलेगी। वित्त मंत्री देश के उत्तर, पूर्व व दक्षिण भारत के हिस्से में तीन नए हाई स्पीड कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन) बनाने की षोषणा कर सकती हैं। इसमें दिल्ली-अमृतसर सहित कालेकाता और चेन्नई को शामिल किया जा सकता है। कॉरिडोर के फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए बजट का प्रावाधान किया जाएगा। बजट में वंदे भारत व वंदे मेट्रो को तरजीह देते हुए इनकी संख्या में खासा इजाफा किया जा सकता है। वंदे भारत स्लीपर लंबी दूरी के आरामदेय सफर का अहसास कराएगी। वहीं, वंदे मेट्रो इंटरसिटी कनेक्टिविटी को मजबूती देगी।

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आम बजट के पिटारे से रेल यात्रियों को कई सौगातें, 200 से अधिक ट्रेनें चलाने की तैयारी

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