1991 का युगांतकारी बजट… जिसने देश की इकोनॉमिक ग्रोथ को दी थी रफ्तार

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केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार (NDA government) का बजट (Budget) आज पेश होने वाला है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) सुबह 11 बजे संसद में अपना बजट भाषण शुरू करेंगी. हालांकि ये बजट कितना खास होगा, इस बात से बस कुछ ही देर बाद पर्दा उठने लगेगा. वहीं बजट के इतिहास से जुड़े कुछ ऐसे दिलचस्‍प तथ्‍यों की बात करें, जिन्हें बहुत कम लोग जानते हैं, तो ऐसा एक बजट साल 1991 में पेश किया गया था. Budget 1991 को ‘युगांतकारी बजट’ भी कहा जाता है. इस बजट से देश की इकोनॉमिक ग्रोथ (Economic growth of the country) की रफ्तार को तेज करने का काम किया था।

आर्थिक उदारीकरण के युग की शुरुआत
साल 1991 में प्रधानमंत्री पद पर पीवी नरसिम्‍हा राव (PV Narasimha Rao) थे और उनकी सरकार में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी फाइनेंस मिनिस्टर डॉ मनमोहन सिंह (FM Dr. Manmohan Singh) के पास थी. ये साल ऐतिहासिक बजट वाला साल था. दरअसल, मनमोहन सिंह ने देश के लाइसेंसी राज को खत्‍म करते हुए आर्थिक उदारीकरण के युग की शुरुआत की थी।

यह बजट ऐसे समय में पेश किया गया, जब देश आर्थिक पतन की ओर जा रहा था. इस बजट में निर्यात को लेकर कई बड़े कदम उठाए गए थे. सीमा शुल्‍क को 220 फीसदी से घटाकर 150 फीसदी कर दिया गया. साथ ही विदेशी निवेशकों के लिए दरवाजे खोल दिए गए थे।

मनमोहन का बजट कहलाया ‘युगांतकारी बजट’
तत्‍कालीन वित्त मंत्री डॉ मनमोहन सिंह (FM Dr. Manmohan Singh) के द्वारा साल 1991 में पेश किए गए इस बजट को ‘युगांतकारी बजट’ के नाम से जाना जाता है. इस बजट में विदेशी कंपनियों को देश में अपना कारोबार जमाने के लिए एंट्री की अनुमति दी गई थी और इसके लिए कई नियमों में बदलाव (Rule Change) भी किया गया था।

इसके साथ ही बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए भी कई अहम कदम उठाए गए थे. इस कदम से देश से निर्यात करने वाले उत्‍पादों की संख्‍या में इजाफा हुआ. इससे सरकारी कोष भी भरने लगा और धीरे-धीरे करके देश विकास की ओर बढ़ने लगा।

लगातार सातवां बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण
Modi 3.0 में भी वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को मिली है और Budget 2024 पेश करते हुए वित्त मंत्री एक पुराना रिकॉर्ड तोड़ने को तैयार हैं. दरअसल, इस बजट के साथ ही लगातार सातवीं बार बजट पेश करने वालीं पहली वित्त मंत्री होंगी और ऐसा करते वे पूर्व वित्त मंत्री मोरारजी देसाई का बनाया रिकॉर्ड तोड़ देंगी. मोरारजी देसाई के नाम दर्ज रिकॉर्ड पांच पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट से वह आगे निकल जाएंगी.

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