
इंदौर (Indore) के एमजी रोड थाना (MG Road Police Station) इलाके में बीजेपी नेता (BJP leader) मोनू कल्याणे (Monu Kalyane) की हत्या (Killing) करने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस और क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने भोपाल के नजदीक मंडीदीप से दोनों को पकड़ा है। वे यहां आरोपी अर्जुन के रिश्तेदार के यहां रुके हुए थे। पुलिस उनसे पिस्टल जब्त करने का इंतजार कर रही है। दोपहर तक आरोपियों को इंदौर लाने की तैयारी है।
मोनू की हत्या के पीछे इलाके में वर्चस्व की लड़ाई की बात सामने आ रही है। पुलिस का मानना है कि मोनू की हत्या करने वाले पीयूष और अर्जुन के साथ इस हत्याकांड में पर्दे के पीछे से भी भाजपा का एक नेता ही है। वह मोनू के भाजपा में बढ़ते कद को देखकर टसल रख रहा था। इस हत्याकांड के पहले से ही वह नेता इंदौर से बाहर चला गया है। दोनों आरोपियों के साथ इस भाजपा नेता को भी डर था कि मोनू को नहीं मारा तो वह हमें मार देगा।
दूसरी ओर हत्यारे पीयूष और अर्जुन को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस ने मोनू की कॉल डिटेल की सर्चिंग शुरू की थी। दोनों की आखिरी लोकेशन भोपाल के मंडीदीप के आसपास मिली थी। इंदौर-भोपाल रोड के टोल नाके पर दोनों बाइक से जाते दिखाई दिए थे। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने दोनों की घेराबंदी कर दी थी।
पुलिस रविवार शाम निकाली जाने वाली भगवा यात्रा वाले एंगल पर भी जांच कर रही है। यह यात्रा मोनू कल्याणे निकालने वाला था। इसके लिए वह कई दिनों से प्रचार कर रहा था। दरअसल मोनू ने बीते दिनों एक गैंगस्टर के धार्मिक यात्रा निकाले जाने के बाद से ही कहना शुरू कर दिया था कि वह इससे भी बड़ी धार्मिक यात्रा निकालेगा।
इसी बात को लेकर इलाके में गैंगस्टर से जुड़े भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं ने मोनू से टसल रखना शुरू कर दी थी। वे मोनू को यह यात्रा नहीं निकालने देना चाहते थे। इसके लिए लगातार उसे धमकी भी दे रहे थे। पुलिस इस हत्याकांड में इसी भाजपा कार्यकर्ता की भूमिका तलाश रही है। पुलिस को सूचना मिली है कि मोनू की हत्या के पहले से ही वह इलाके में नहीं आया है।
शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हुई थी मोनू की हत्या
दरअसल शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे एमजी रोड इलाके में भाजपा युवा मोर्चा के नगर उपाध्यक्ष मोनू कल्याणे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मोनू मंत्री मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का करीबी माना जाता था। इधर हत्यारों को डर था कि मोनू भी उन लोगों की हत्या की तैयारी कर रहा है। इसके पहले पूरी प्लानिंग कर मोनू की ही हत्या कर दी।
