
मध्यप्रदेश (MP) में जोरदार बारिश (Heavy Rain) का सिलसिला जारी है। एक साथ 3 सिस्टम सक्रिय होने के बाद अरब सागर (Arabian Sea) से कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद प्रदेश में एक सप्ताह तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के कारण नर्मदा, शिप्रा (Narmada, Shipra) सहित सहायक नदियां उफान पर हैं। शिप्रा का जल स्तर बढऩे के बाद उज्जैन (Ujjain) में कई घाट व मंदिर डूब गए हैं। धार में सीएमएचओ कार्यालय के बाहर बिजली (lightning) गिरने से 3 बच्चों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया।
उज्जैन में उफनती शिप्रा के कारण रामघाट पर बने मंदिर डूब गए हैं। साथ ही बडऩगर रोड को जोडऩे वाले पुल से पानी ऊपर बह रहा है, जिसके कारण आवागमन बंद कर दिया गया है। एनडीआरएफ की टीमें घाटों पर तैनात कर दी गई हैं। फिलहाल घाटों पर स्नान पर भी रोक लगा दी गई है और निचली बस्तियों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। आशंका है कि अधिक जल स्तर बढऩे से शिप्रा का जल निचली बस्तियों में आ जाएगा। उधर, एक साथ कई सिस्टम सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते प्रदेश में इस माह के अंत तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही आज भी इंदौर, भोपाल सहित 21 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।