
यूपी में लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन से उबरने में जुटी बीजेपी अपने ही नेताओं के हमले झेल रही है. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बयानों से ऐसा लग रहा है कि सरकार और संगठन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. इस बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी आप हमला करना शुरू कर दिया है. अखिलेश यादव ने बीजेपी की अंदरूनी झगड़े को कुर्सी की लड़ाई बताते हुए कहा कि शासन और प्रशासन में जनता की सुनने वाला कोई नहीं है.
अखिलेश यादव में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “भाजपा की कुर्सी की लड़ाई की गर्मी में, यूपी में शासन-प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है. तोड़फोड़ की राजनीति का जो काम भाजपा दूसरे दलों में करती थी, अब वही काम वो अपने दल के अंदर कर रही है, इसीलिए भाजपा अंदरूनी झगड़ों के दलदल में धंसती जा रही है. जनता के बारे में सोचनेवाला भाजपा में कोई नहीं है.”
दरअसल, पिछले दिनों प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सरकार से बड़ा संगठन वाले बयान से सियासी गलियारे में हलचल मचा दी. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि संगठन में कोई छोटा बड़ा नहीं और कार्यकर्ताओं का दर्द उनका दर्द है. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू है कि क्या डिप्टी सीएम और सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच सब कुछ ठीक है? हालांकि केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से हिदायत दी गई है कि कोई भी नेता सार्वजानिक मंच से कोई भी बयान नहीं देगा. लेकिन विपक्ष अब इस मुद्दे को तूल देने में जुटा है.
